मुंबई भारत रत्न को लगता है कि आगामी दशक बच्चों और उन्हें उनके सपनों के पूरा करने की आजादी देने वाला होना चाहिए। तेंडुलकर ने नए साल की पूर्व संध्या पर कहा, 'साल 2020 और इससे शुरू होने वाला दशक बच्चों का होना चाहिए।' इस महान बल्लेबाज ने कहा, 'उनके (बच्चों) साथ समय बिताएं, प्यार दें और उन्हें गलती करने की छूट देनी चाहिए। हमें उन्हें बड़े सपनों के लिए तैयार करना चाहिए। उनकी सेहत, पोषण और शिक्षा में सही तरह से निवेश कर हम उन्हें उनके सपने सच करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।' खेल की अहमियत पर जोर देते हुए सचिन ने कहा, 'खेल न सिर्फ हमारे बच्चों को ऐक्टिव और स्वस्थ रखता है बल्कि वह इससे टीमवर्क भी सीखते हैं। हर बच्चे को जीवन के हर कदम पर समान मौके मिलने चाहिए और उनके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।'
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