नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान आज के दौर के सबसे अमीर खिलाड़ियों में शामिल हैं। लेकिन वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं और इस बात को यह भूले नहीं हैं। वहीं भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान भी दिल्ली में पले-बढ़े हैं। दोनों ने हाल ही में इंस्टाग्राम लाइव चैट पर अपने पुराने दिनों को याद किया। इसमें बसों के सफर से लेकर बचपन के खेल तक शामिल रहे। विराट ने बताया कि कैसे वह प्रैक्टिस के लिए कई बार बस, ऑटो या साइकल पर जाया करते थे। उन दिनों दिल्ली में स्कूल, कॉलेज के बच्चे स्टाफ चलाकर प्राइवेट बसों में मुफ्त में सफर करते थे। छेत्री ने जब कोहली से पूछा कि क्या उन्होंने बस में बिना टिकट सफर किया है तो कोहली ने कहा कि वह कभी ऐसा नहीं कर पाए। वह जब भी बस में स्टाफ बोलते थे तो कंडेक्टर के दूसरे सवाल का जवाब नहीं दे पाते थे। विराट ने कहा कि जो लोग स्टाफ चलाते थे उनकी पर्सनेलिटी ही दूसरी होती थी। कोहली ने छेत्री से कहा कि एक-दो बार मैंने ऐसा करने की कोशिश की लेकिन मुझसे कभी स्टाफ चल ही नहीं पाया। विराट ने भारतीय फुटबॉल स्टार सुनील छेत्री के साथ बातचीत में बताया कि उनके स्वर्गीय पिता दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करते थे। वह कई बार उन्हें फिरोजशाह कोटला (अब अरुण जेटली) स्टेडियम पर छोड़ देते थे लेकिन कई बार उन्हें बस में भी जाना पड़ता था। उन्होंने छेत्री से कहा, 'अकादमी पास में ही थी तो हम साइकल से भी चले जाते थे। कई बार स्टेडियम जाने के लिए बस में जाते थे।' वहीं छेत्री ने कहा, 'मुझे खर्च के लिए 20 रूपये मिलते थे और मैं डीटीसी बस में बिना टिकट के चलता था। उस समय बस में बिना टिकट यात्रा का जुर्माना बीस रुपये ही होता था। मैंने सोचा था जिस दिन पर पकड़ा जाऊंगा तब दे दूंगा। बाद में उन्होंने इसे बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया तब मैंने नियमित टिकट लेना शुरू कर दिया।'
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