कोरोनावायरस के चलते खेल गतिविधियां भी रुकी सी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने खेल के दोबारा शुरू होने पर भी उसमें कुछ बदलाव के निर्देश दिए हैं। आईसीसी का कहना है कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए गेंद को चमकाने के लिए लार का उपयोग बंद करना होगा। हालांकि यह अस्थायी विकल्प है लेकिन इसे लेकर क्रिकेट जगत में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।75863199
इसका सबसे ज्यादा असर तेज गेंदबाजों पर पड़ने की बात कही जा रही है लेकिन स्पिनर्स भी इससे अछूते हैं। टीम इंडिया के चाइनामैन कुलदीप यादव का मानना है कि स्पिनर्स के लिए भी गेंद को चमकाना बहुत जरूरी है।
यादव ने कहा कि ऐसा नहीं है कि गेंद को चमकाना सिर्फ पेसर्स के लिए जरूरी है स्पिनर्स के लिए भी यह उतनी ही अहम है। उन्होंने कहा कि अगर गेंद में चमक नहीं होगी तो वह हवा में नहीं घूमेगी। ऐसे में बल्लेबाज के लिए खेलना आसान हो जाएगा। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि एक बार वायरस का प्रभाव खत्म होने के बाद क्रिकेट अपने पुराने रूप में लौट आएगा।
यादव ने कहा कि कोरोना की मुसीबत हमेशा रहने वाली नहीं है। कुलदीप खुद कानपुर में प्रैक्टिस करते समय गेंद पर लार का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका मानना है कि लार से गेंद में ड्रिफ्ट आती है।
एक हिन्दी दैनिक को दिए इंटरव्यू में कहा कि लार का इस्तेमाल बंद करने से गेंदबाजों को काफी असर पड़ने वाला है। उनका मानना है कि इससे उबरने में काफी वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों को आदत होती है जीभ से स्लाइवा लेकर गेंद चमकाने की। इस आदत को बदलना बहुत मुश्किल होगा।
कानपुर में उनका क्षेत्र ग्रीन जोन में आता है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद अभी कोच के साथ प्रैक्टिस शुरू की है।
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा कोच मिसबाह-उल-हक ने कहा था कि तेज गेंदबाजों को मास्क पहनकर बोलिंग करनी चाहिए। उनका कहना था कि गेंदबाजों की प्रवृत्ति होती है गेंद को चमकाने के लिए स्लाइवा का इस्तेमाल करना और मास्क पहनकर बोलिंग करने से वह अपनी इस स्वाभाविक प्रवृत्ति पर रोक लगा सकेंगे।
from Cricket News in Hindi, Cricket Updates, Live Scorecard, Schedules, Results, Teams and Points Table – Navbharat Times https://ift.tt/2MDuaYy
No comments:
Post a Comment